Tuesday, June 15, 2010

पहली बारिश

बून्दे खिलौने , बारिश बिछौने .
बचपन फुहारे.... बादल है सपने ..
बिजली उमंगे , ओले तरंगे ....
आओ उड़ाए , खुशियां पतंगे ...

2 comments:

  1. नमस्ते,

    आपका बलोग पढकर अच्चा लगा । आपके चिट्ठों को इंडलि में शामिल करने से अन्य कयी चिट्ठाकारों के सम्पर्क में आने की सम्भावना ज़्यादा हैं । एक बार इंडलि देखने से आपको भी यकीन हो जायेगा ।

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  2. बारिश की बूँदे
    बच्चे पानी में कूँदे
    छप छप छप
    पानी बरसा टप टप टप

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